Affimation कैसे करे ? What is affirmation in Hindi। Greatsanju

What is affirmation in Hindi

दोस्तों आज जो में आपको जो जानकारी दे रहा हु इससे आप अच्छी JOB, अच्छी सेहत, अच्छा रिलेशन बना सकते है मीन्स के आप जो चाहे हो हासिल कर सकते हो तो आज में आप को AFFIRMATION बारे में जानकारी दुगा।

अब बात आती है, AFFIRMATION होता क्या है AFFIRMATION होता है अपने आप को बताना, अपने आप को समजाना अर्थात अपने आप को वे बाते समझाना जिसे हम अपनी लाइफ में करना चाहते है।

consensus mind and subconscious MIND difference

हमारे शरीर में होने वाली सारी क्रियाओं का नियंत्रण चेतन और अवचेतन मस्तिष्क द्वारा ही किया जाता है।

हमारा दिल की धड़कनों को कौन नियंत्रण करता है।
शरीर का तापमान नियंत्रण करता कर रहा है।
शरीर की स्वास गति को कौन नियंत्रित कर रहा है।
आंखों की पलकों को कौन झपका रहा है।

यह सभी क्रिया है और अवचेतन मस्तिक द्वारा ही की जाती है।

इसके अलावा चाय पीना पढ़ना लिखना तथा अन्य शारीरिक कार्य चेतन मस्तिष्क करता है।

अब जान लीजिए चेतन और अवचेतन मस्तिष्क दो नहीं है एक ही मस्तिष्क में होने वाली तो गतिविधियां है।

आप जो भी बातें अवचेतन मन में छोड़ते हैं, उसी रूप में स्वीकार कर लेता है। यदि झूठी बातों को हमारा चेतन मन सच मान लेता है तो उसी रूप में मान लेता है।


WHAT IS AFFRIMATION


Affirmation मतलब है खुद को सकारात्मक बाते बार-बार कहना।

जो आप मानते हो वैसे ही आप बन जाते हो।

importation ये नहीं है कि आप दूसरों को क्या बोलते importation यह है कि आप अकेले में अपने आप से क्या बातें करते हो क्या बोलते हो ये importation करता है।

affirmation करने के लिए आप  "में.......हूँ"  के बिच में कुछ भी लगा दे और हर रोज सुबह और शाम ये 5 से 10 मिनिट अपने आप आपको तो बार-बार ये बोलते रहना है वैसे आप recording करके भी सुन सकते हो।

में टेलेंटेड हूँ, मैं खुश हूँ, में भाग्यशाली हूँ, में बुद्धिमानी हूँ अगर आप ऐसे सुबह-शाम 10 मिनिट बोलेगे अपने आप से और साथ में फील भी करना है आँखे बंद करके।

कुछ लोग होते है जो अपने आप को गया गुजरा समझते है, मुझमे कोई टेलेंट नहीं है तो ये बाते उनके अवचेतन मन में प्रवेश करती है और फिर वह वैसे ही बन जाता है।

स्वामी विवेकानंदजीने कहा है, "खुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है"

सारा खेल शब्दो का है भाई आप खुद से अकेले में क्या बात करते हो उस आपका भाग्य निर्मित है।

Affirmation को महान लोगोने भी माना है की यह काम करता है।

positive thinking और affirmation में क्या फ़र्क है

positive thinking में हम कहते है की में टॉपर बनुगा और Affirmation आप कहते है में टॉपर हु।

अब आप बोलते है की में टॉपर बनुगा तो आपका माइंड समझता है की भविष्य में चला जाता है क्योकि आपने बोला "में टॉपर बनुगा" तो अभी वह आलस करता है।

affirmation में आप कहते है की "में टॉपर हु" अब आप हर यही कहोगे तो आप को पढ़ने में मज़ा आने लगेगा। अगर आप affirmation करते हो तो फिर आप कोई चीज नहीं रोक सकती टॉपर बनने से।

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