कहानियां आपकी सोच बदल देगी |Short Motivational Story In Hindi

कहानियां आपकी सोच बदल देगी | Short Motivational Story In Hindi


Motivational Story In Hindi :आज हम आपके लिए बेस्ट Short Motivational Story लाए हैं जिससे आपका नजरिया और आपकी लाइफ भी चेंज हो सकती है अगर इसे सही से समझ गए तो फिर अपनी Life में कुछ भी हासिल कर सकते है।

कहानियां इंसान को पढ़ते रहना चाहिए इन कहानियों से हमें बहुत कुछ समझ में आता है, और हम इससे बहुत कुछ सीख सकते हैं। 

मुझे तो कहानियां बहुत पसंद है और जितने भी Successful लोग हैं उन्होंने भी बहुत कहानियां पढ़ी है, जिनसे उनको एक Inspiration उनको मिली उनको एक प्रेरणा मिली जिससे वे आज एक Successful Person है, और दुनिया में जो भी हो रहा है और जो भी इंसान बहुत अंदर से Motivate है, वह उसकी कुछ लाइफ की कहानियां और कुछ कहानियां जो उसने कहीं पर पढ़ी है उसके अपने जीवन में भी उतारी है।

दोस्तों आज हम ऐसे ही 3 Motivational Story लाए हैं आपके लिए, जिसे आप समझ गए और अपने जीवन में उतार लिया तो फिर आप को कोई रोक नहीं सकता और कोई भी मुसीबत के आगे आप कभी भी घुटने नहीं टेकेंगे और मुसीबतों तो Face करेंगे।

मूर्तिकार और पत्थर के प्रेरक कहानी


एक गांव में एक मूर्तिकार रहता था उससे एक मूर्ति मंदिर के लिए बनानी थी। वह पत्थर की तलाश कर रहा था की, उसने देखा कि सामने दो पत्थर पड़े यही एक पेड़ के नीचे तो उसने उन दोनों पत्थर को देखा और वह दोनों पत्थर बहुत ही अच्छे थे। मूर्तिकार बहुत ही खुश हुआ क्योंकि उससे एक नई दो पत्थर मिल गए अब वह उन दोनों पत्थर को अपने घर पर ले आया।

सुबह होते ही मूर्तिकार अपनी छीनी और हथौड़ा लेकर एक पत्थर को लिया और उस पर वार करने लगा तो पत्थर में से एक चीख आयी "मुझे मत मारो, मुझे मत मारो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, आप के हथौड़े के वार से टूट जाउगा मुझे छोड़ दीजिये कोई और पत्थर को लीजिए''

मूर्तिकार उस पत्थर को साइड में कर देता है और दूसरे पत्थर को लेता है और उस पर छीनी और हथौड़ा से जोर-जोर से वार करता है लेकिन, इस बार पत्थर में से कोई आवाज नहीं आती है।

मूर्तिकार इस पत्थर की बहुत ही सुंदर अति सुंदर मूर्ति बनाता है वह बहुत ही अच्छी दिखती है और फिर वह उसमे Paint करता है। Paint करने के बाद मूर्ति बहुत ही सुंदर दिख रहे होती है उसके बाद कुछ लोग आते हैं मूर्ति को लेने के लिए और वह लोग बहुत ही खुश हो जाते हैं मूर्ति को देख कर।

अब सब वह मूर्ति को ले जा रहे होते तब उनमें से एक आदमी बोला की मूर्ति के सामने एक पत्थर तो चाहिए ना जिस पर लोग श्रीफल फोड़ सके पर तभी एक आदमी इस पत्थर को देखा जो वहा पर पड़ा था और उसे भी अपने पास मंदिर में ले गए।

फिर सब गांव वालों ने मंदिर में मूर्ति की स्थापना की और वह दूसरे पत्थर को उसके सामने रख दिया।अब जो भी श्रीफल लेकर आता वह उस पर भी श्रीफल फोड़ता तो बहुत ही चिल्लाता "मैं मर गया, मैं मर गया, तुम्हारी किस्मत बहुत अच्छी है कि तुम्हें सब फूल चढ़ा रहे हैं, प्रसादी चढ़ा रहे हैं, आरती कर रहे हैं, तुम्हारी पूजा अर्चना करते हैं और मैं कितना बदनसीब हूं।

तब मूर्ति कहती है कि सबसे पहले मूर्तिकार ने तुम्हे ही तो लिया था मूर्ति बनाने के लिए लेकिन, तुम छीनी और हथौड़ा का दर्द सह नहीं पाए और तुमने कहा कोई दूसरे पत्थर की मूर्ति बना लो मुझे छोड़ दो मुझसे यह दर्द बर्दाश्त नहीं होता मैं टूट जाऊंगा मैं मर जाउगा।

हमे इस कहानी से क्या सीखना चाहिए। 
हमें मुश्किलों का सामना करना चाहिए उन्हें Face करना चाहिए।

हमें अवसर को पहचानना आना चाहिए क्योंकि हर मुसीबत के पीछे एक अवसर छुपा हुआ होता है। इसलिए मुसीबतों का सामना करना चाहिए।

आलसी मेंढक की प्रेरक कहानी


एक बार एक आलसी मेंढक को गैस पर रखें पानी में डाल दिया गया। वह मेंढक चाहता तो बाहर निकल सकता था एक छलांग से लेकिन, उसने ऐसा नहीं किया आदमी ने उस गैस को जलाया और फिर पानी धीरे धीरे गर्म होने लगा।

मेंढक को पता था कि पानी धीरे धीरे गर्म हो रहा है फिर भी खुद को एडजस्ट करता रहा। मेंढक में ऐसी शक्ति होती है कि वह खुद का टेंपरेचर बढ़ा सकते हैं जैसे जैसे पानी गर्म होता वैसे वैसे वह मेंढक खुद को एडजस्ट कर लेता।

पानी धीरे-धीरे बहुत ही गर्म हो गया अब वह आलसी मेंढक की हालत ख़राब हो गई वह हिल भी नहीं सकता था। अब वह आलसी मेंढक बुरी तरह फस गया और उसने सोचा की में निकल सकता था। लेकिन में निकला नहीं खुद को गर्म पानी में एडजस्ट करता रहा अब मुजमे इतनी भी शक्ति रही नहीं है, की में हिल भी सकू।

मेने अपने Comfortable Zone को छोड़ा ही नहीं क्योकि मुझे गर्म पानी में अच्छा लग रहा था। में चाहता तो कब का बहार निकल जाता लेकिन मेने अपने Comfort को छोड़ा ही नहीं। अब मुझसे छलाँग मारने की शक्ति ही रही नहीं है, और वह मर गया।

हमे इस कहानी से क्या सीखना चाहिए। 
इस कहानी में मेंढक में अपने कंफर्ट जोन को छोड़ा ही नहीं उसमें शक्ति थी, कि वह गर्म पानी में से बाहर निकल सके पर उससे अपना कंफर्ट जोन छोड़ा ही नहीं गया।

क्योकि उस आलसी मेंढक को गर्म पानी में मज़ा आ रहा था। उसे गर्म पानी अच्छा लग रहा था जब शक्ति थी उसके पास तक वह बहार निकला नहीं उसी कारण से उसकी मौत हुई।

हम भी मेंढक की तरह ही करते हैं जब हमारे पास शक्ति होती है, वक्त होता है तब हम पढ़ते नहीं हैं, कुछ सीखते नहीं है, कुछ काम करते नहीं है पर एक दिन यह समय गुजर जाता है जब कुछ करना समय होता है, तब हम अपना वक्त का दुरुपयोग करते हैं फिर हमारे हाल भी इस मेंढक की तरह हो जाता है।

फिर आप भी कहते है, की में यह कर सकता था लेकिन मेने किया नहीं और आज मेरा यह हाल है।

हाथी और जंजीर की प्रेरक कहानी


एक बार एक आदमी रास्ते से जा रहा था तो उसमें देखा की बड़े-बड़े हाथियों को एक पतली सी जंजीर से उसके पैर बांधे हुए हैं तो वह आदमी सोचने लगा की, हाथी चाहे तो इस जंजीर को एक सेकंड में ही तोड़ सकता है और यहां से भाग सकता है तो फिर ऐसा करता क्यों नहीं है।

तो वह आदमी वहां पर खड़े एक आदमी के पास जाता है और उससे पूछता है कि आप इन हाथियों को इतनी पतली जंजीर से आप बांध कर रखते हो क्या कभी यह हाथी इस ज़ंजीर तोड़ कर भाग नहीं जायेगे।

आदमी उसे कहता है कि जब से यह हाथी छोटे थे तब से हम इन्हे इन्ही ज़ंजीर से बांध कर रखते है, लेकिन जब वह छोटे थे तब बहुत ही कोशिश की इन्होने लेकिन कभी इस ज़ंजीर तोड़ नहीं पाए और फिर इन्होने कोशिश करना ही छोड़ दिया।

और उन्होंने यह बात को Accept करली की, यह ज़ंजीर हम कभी तोड़ ही नहीं सकते है, इसलिए आज शक्ति के बाद भी यह कभी कोशिश ही नहीं करते है ज़ंजीर तोड़ने की इसी वजह से यहाँ पर बंधे है।

हमे इस कहानी से क्या सीखना चाहिए 
हाथी इसलिए ज़ंजीर से बंधे है, क्योकि की उसने बाद में कोशिश नहीं की ज़ंजीर तो तोड़ने की। हमे कोशिश कभी भी छोड़नी नहीं चाहिए।

इस दुनिया में नामुमकिन जैसी कोई चीज नहीं है। हाथी ने यह मान लिया था की वह इस ज़ंजीर को कभी तोड़ ही नहीं सकता है, यह नामुमकिन है।

आप को लगातार आगे बढ़ते रहेना चाहिए और कोशिश कभी भी छोड़नी नहीं चाहिए।

सवाल (Question) & जवाब (Answer)  हिंदी में


Q - 1 कोशिश कर रहे हैं लेकिन उसका फल नहीं मिलता ?

मैंने बहुत से लोगों को यह कहते सुना है कि हम कोशिश तो करते हैं लेकिन उसका फल मिल नहीं रहा है, तो एक बात जान ले एक प्रकृति का नियम है "जैसा बोएगा उसे वैसा ही फल मिलेगा" यह सत्य है। हां, इसमें देर लग सकती है, लेकिन आपको आपके कर्म का फल तो मिलेगा ही।

इसलिए कर्म करते रहे फल की चिंता ना करे अपने कार्य में 100% ध्यान दीजिये।

Q - 2 मुश्किलों का सामना कैसे करें ?

इस विषय पर मैंने All Ready  एक पोस्ट लिखी है उसे जाकर आप पढ़ सकते है, यहाँ थोड़ा बहुत बतादू तो आपको आपका नजरिया और आपके विचार बदलने की जरूरत पड़ेगी।
सही माइंड सेट होगा आपका तभी आप अंदर से कॉन्फीडेंट रह पाएंगे।

Q - 3 अवसर को कैसे पहचाने ?

अवसर को पहचानने के लिए आपको एक शांत माइंड की जरूरत पड़ेगी और आपको आपका नजरिया भी चेंज करना पड़ेगा प्रॉब्लम के प्रति।

प्रॉब्लम में ही अवसर छुपा होता है, इस बात की आप गांठ बांध ले।

अभी Covid - 19 के चलते देश में Lockdown चल रहा है, तो यह सब लोगो के लिए Problem है, लेकिन कुछ लोग इस समय का ऐसा उपयोग कर रहे है, कुछ सिख रहे है, Covid - 19 के बाद कौन-कौन से Business बहुत तेजी से चलेंगे और कैसे चलेंगे इसकी प्रॉपर Planing कर रहे है।

कौन क्या सीखा है, और कौन कितना सीखा है, यह तो Covid - 19 के जाने के बाद ही पता चलेगा। किसने इस चीज को एक अवसर समझकर खुद को ट्रैन किया है।

Q - 4 अपने लक्ष्य के प्रति सकारात्मक कैसे रहे ?

आपको रोज Affirmation करना है।

रोज Meditation 10 से 20 मिनिट तो आप खुद के लिए निकाल ही सकते है।

आप आपने आप से सवाल करे की ये Goal क्यों प्राप्त करना चाहता हु, मेरा रीज़न क्या है।

रोज कुछ 15 से 20 मिनिट कुछ अच्छा पढ़े।

रोज खुद से Commitment करे छोटे-छोटे

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